अमृतसर, 14 मार्च (के.एल. जीत वालिया):-पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश और सेशन डिवीजन अमृतसर के प्रशासनिक जज जस्टिस रोहित कपूर ने शनिवार को अमृतसर की अदालतों और सेंट्रल जेल का वार्षिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंट्रल जेल अमृतसर का विस्तार से जायजा लिया। इस मौके पर जस्टिस रोहित कपूर ने कैदियों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा का उद्घाटन किया। इस सुविधा के जरिए बीमार कैदी डिजिटल माध्यम से डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे।
उन्होंने जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया और कैदियों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान जस्टिस कपूर ने कैदियों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने जेल फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया, जहां मशीनरी और कैदियों द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल गतिविधियों) का जायजा लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
निरीक्षण के दौरान जस्टिस रोहित कपूर ने जेल परिसर में एक पौधा भी लगाया और लोगों को संदेश दिया कि “हर व्यक्ति एक पौधा जरूर लगाए”, ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ बड़े स्तर पर निपटारा
इसके बाद जस्टिस रोहित कपूर ने राष्ट्रीय लोक अदालत में आए मामलों के पक्षकारों से मुलाकात की और उन्हें आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान एडिशनल प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट अमृतसर अमन शर्मा की बेंच में लंबित एक मामले का निपटारा जस्टिस कपूर की व्यक्तिगत पहल से सफलतापूर्वक कराया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 33,393 मामलों का निपटारा किया गया, जो न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
न्यायिक अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस निरीक्षण और लोक अदालत के सफल आयोजन में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अमृतसर जतींदर कौर, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज बलजिंदर सिंह, एसीजेएम परमिंदर कौर बैंस, सीजेएम सुप्रीत कौर और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी अमृतसर के सचिव अमरदीप सिंह बैंस सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जस्टिस रोहित कपूर ने इस अवसर पर सभी न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय प्रणाली की कुशल कार्यप्रणाली, मामलों का समय पर निपटारा और लोक अदालतों के माध्यम से समझौते को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।
अजनाला कोर्ट कॉम्प्लेक्स का भी किया दौरा
इसके बाद जस्टिस रोहित कपूर ने डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज और अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के साथ अजनाला कोर्ट कॉम्प्लेक्स का दौरा किया और अदालत परिसर का निरीक्षण किया।
उन्होंने अजनाला बार एसोसिएशन के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान ई-मुलाकात सुविधा का भी उद्घाटन किया गया, जिससे वकीलों को जेल में बंद अपने मुवक्किलों से डिजिटल माध्यम से संपर्क करने में आसानी होगी।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य
यह पूरा दौरा न्यायिक ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को और मजबूत बनाना तथा मुकदमेबाजों, वकीलों और कैदियों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है।