अमृतसर, 12 जून (के.एल. जीत वालिया): लघु उद्योगपतियों को केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं, सब्सिडियों और प्रोत्साहन कार्यक्रमों की जानकारी देने के उद्देश्य से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के गोल्डन जुबली सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन में एक प्रभावशाली सेमिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विश्व सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स पंजाब के चेयरमैन रजिंदर सिंह मरवाहा तथा उनके सहयोगी तजिंदरपाल सिंह ‘बॉबी’ बादशाह के प्रयासों से महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीएसआईपीए), चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह का विश्व सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स पंजाब के चेयरमैन रजिंदर सिंह मरवाहा तथा अमृतसर इकाई के चेयरमैन हरप्रीत सिंह भाटिया सहित आयोजकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में प्रो. करमजीत सिंह ने पंजाब, विशेषकर अमृतसर के औद्योगिक विकास में केंद्र सरकार के लघु उद्योग विभाग द्वारा दिए जा रहे सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के युग में मानव श्रम के महत्व पर बल देते हुए कहा कि तकनीक और मानवीय कौशल के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
सेमिनार के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडियों और औद्योगिक सहायता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। अभिषेक बावा ने ऊर्जा-कुशल मशीनों के उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जबकि गौतम शर्मा ने वित्तीय प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और उसके पुनः उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

डॉ. संजीव गुप्ता ने लघु उद्योग क्लस्टर विकसित करने की अवधारणा तथा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडियों की जानकारी दी। वहीं डॉ. अनुपमा बैंस ने प्रभावी विपणन (मार्केटिंग) और उत्पाद ब्रांडिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
वक्ताओं ने बताया कि देश में लगभग 3 करोड़ लघु उद्योग कार्यरत हैं, जो करीब 6,000 प्रकार के उत्पादों का उत्पादन करते हैं। देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में इनका योगदान लगभग 45 प्रतिशत है, जबकि भारत के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष निर्यात में इनकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और आर्थिक विकास को गति देने में लघु उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेमिनार में प्रिंसिपल कुलवंत सिंह अनखी, अमरजीत सिंह नारंग, सीए परमजीत सिंह राजेवाल, शशि जी, सरबरिंदर सिंह सोनू सुल्तानविंड, सुमित सिंह, कुलविंदर सिंह मरवाहा, आर्किटेक्ट जसबीर सिंह, एडवोकेट परमजीत सिंह तेग, मीडिया इंचार्ज इंदरबीर सिंह, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तथा बड़ी संख्या में लघु उद्योगपति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।