अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सांझां मंच द्वारा पितृ दिवस को समर्पित विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन

ब्रैम्पटन, कनाडा, 14 जून (जोबनप्रीत सिंह आहलूवालिया): अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सांझां मंच की ओर से पितृ दिवस को समर्पित एक विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जो साहित्यिक रंगों, भावनाओं और पिता के प्रति सम्मान से भरपूर एक यादगार कार्यक्रम साबित हुआ।

 

 

 

 

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक रमिंदर रम्मी द्वारा की गई, जिन्होंने संस्था की साहित्यिक गतिविधियों की जानकारी साझा की। इसके बाद प्रबंधकीय टीम के सदस्य सतबीर सिंह ने सभी का स्वागत किया, जबकि मुख्य संरक्षक दलबीर सिंह कथूरिया के संदेश के साथ काव्य गोष्ठी का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

 

 

 

 

सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. अमरज्योति मांगट ने प्रबंधकीय टीम और विशिष्ट अतिथियों का परिचय करवाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुषविंदर खोखर ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर सुनील चंदियाणवी, गगनमीत, प्रो. पवन खिच्छी, स्विंदर संधू, अंजू बाला, डॉ. निर्म जोसन, लखविंदर सिंह बाजवा, रणबीर सिंह प्रिंस, जगजीत सिंह खैहरा, सतिंदर सिंह ओठी तथा विवेक कोट ईसे खान सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पिता के रिश्ते की महानता को उजागर किया।

 

 

 

 

मुख्य अतिथि अवतारजीत अटवाल ने अपनी रचना “बाबल रुख जब सूख जाता है” प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया, जबकि प्रीतमा जी की भावपूर्ण प्रस्तुति ने भी उपस्थित जनों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

 

 

 

 

कार्यक्रम के अंत में हरभजन कौर गिल ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों का धन्यवाद किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरचरण सिंह जोगी ने पूरे कार्यक्रम का विद्वत्तापूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए पिता के महान योगदान को रेखांकित किया। संस्थापक रमिंदर वालिया ने अपनी काव्य रचना “सपना या सच” के माध्यम से अपने पिता से जुड़ी यादों को साझा किया।

 

 

 

 

इस कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने रमिंदर रम्मी की साहित्य के प्रति निरंतर सेवा, समर्पण और अथक मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से साहित्यिक चेतना को नई दिशा मिल रही है।

 

 

 

 

यह काव्य गोष्ठी पिता के अमूल्य योगदान को समर्पित एक प्रभावशाली, भावनात्मक और यादगार साहित्यिक आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *