जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष द्वारा केंद्रीय जेल अमृतसर का निरीक्षण

कैदियों एवं इंटरनियों से की बातचीत, कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा

अमृतसर, 3 जून (के.एल. जीत वालिया): माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय Sukanya Shantha v. Union of India, 2024 AIR SC 5201 तथा पंजाब जेल मैनुअल के नियम 29.22 के अनुपालन में, श्रीमती जतिंदर कौर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), अमृतसर ने श्री अमरदीप सिंह बैंस, सचिव, डीएलएसए अमृतसर तथा सिविल एवं जेल प्रशासन के अधिकारियों के साथ केंद्रीय जेल अमृतसर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल की बैरकों, वार्डों, रसोईघर, अस्पताल, ट्रांजिट कैंप तथा अन्य भवनों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान कैदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा प्रबंधों, अनुशासन तथा रहन-सहन की स्थितियों की जांच की गई।

श्रीमती जतिंदर कौर ने पुरुष एवं महिला कैदियों के साथ-साथ ट्रांजिट कैंप में रह रहे इंटरनियों से भी व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्हें अपनी शिकायतें, चिंताएं एवं सुझाव रखने का पूरा अवसर दिया गया। बातचीत के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, भेदभाव अथवा उनके कानूनी एवं मानवाधिकारों का उल्लंघन न हुआ हो।

कैदियों एवं इंटरनियों से यह भी पूछा गया कि क्या उनके साथ जाति, धर्म, लिंग, राष्ट्रीयता अथवा सामाजिक स्थिति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव किया जाता है। उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया तथा किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई।

निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी कैदी अथवा इंटरनी को अवैध या अनावश्यक रूप से हिरासत में न रखा गया हो। जेल प्रशासन द्वारा संधारित विभिन्न कानूनी रजिस्टरों एवं अभिलेखों की जांच की गई। कैदियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों एवं अभ्यावेदनों को सुनकर आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए।

माननीय अध्यक्ष ने जेल में संचालित सुधारात्मक, कल्याणकारी एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की भी समीक्षा की तथा कैदियों के कल्याण, उनकी रहन-सहन की परिस्थितियों में सुधार और प्रभावी सुधारात्मक प्रशासन को और सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर कैदियों एवं इंटरनियों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सुधार गृह संवैधानिक सिद्धांतों, कानूनी प्रावधानों और मानवाधिकार मानकों के अनुरूप कार्य करें।

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