( Kl jit walia ,Amritsar )
जल भी जिसके सरोवर का अमृत है,
यह वो शहर अमृतसर है।
अमृतसर के व्यापार और सामाजिक गतिविधियों में अपना योगदान देने वाले ,पंजाब व्यापार मंडल अध्यक्ष प्यारे लाल सेठ अमृतसर की आन बान शान का 93वा जन्म दिन धूमधाम से मनाया गया जहां उनकी जीवनी पर एक पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि ओ पी सोनी द्वारा किया गया।
“यह रिश्ता क्या कहलाता है”
प्यारे लाल सेठ के परिवार के अतिरिक्त किसी का भी उनसे खून का रिश्ता नहीं है फिर भी उन्होंने अनेको परिवारों से सामाजिक और व्यापारिक सम्बन्ध है।
सेठ साहेब की स्नेह प्यार भरी आंखे जिसको देखती है उससे एक पारिवारिक रिश्ता कायम कर लेती है।
व्यक्ति अपने व्यक्तित्व
इंसान अपनी इंसानियत से पहचाना जाता है ऐसी ही पहचान का नाम है प्यारे लाल सेठ।
राम की मर्यादा कृष्ण का ज्ञान और
हनुमान की शक्ति के प्रतीक है सेठ साहब।
उड़ान पंखों से नहीं होती
व्यक्ति ऊंचा उठता है अपनी नम्रता से।
सेठ साहब नम्रता संस्कार और भारतीय संस्कृति के वाहक है।
एक मांग समस्त अमृतसर के व्यापारी संघों और राजनीतिक दलों को एक स्वर से सरकार से करनी चाहिए कि एक टेक्सटाइल प्रमोशन बोर्ड सरकार को बनाना चाहिए जिसके आध्यक्ष सेठ साहेब को बनाना चाहिए और उन्हें कैबिनेट मंत्री की सुविधा मिलनी चाहिए।
हर कोई उमंग में है
हर कोई तरंग में है
20 साल की ऊर्जा वाले
72 सालों के अनुभव वाले
सेठ साहेब का आज जन्मदिन है
हम सब खुशियों के रंग में है।
सेठ साहेब शतायु हो परमात्मा से यही प्रार्थना है।
( नरेन्द्र कपूर अमृतसर )