अमृतसर, 1 जून (के.एल. जीत वालिया, फुलजीत वरपाल):
स्ट्रॉन्ग मैन ऑफ इंडिया शमशेर सिंह शेरा और उनके सहयोगियों द्वारा तीसरी रणवीर क्लासिक ऑल इंडिया रॉ बेंच प्रेस चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 49 विभिन्न टीमों ने भाग लिया। विजेता टीमों को स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक जीवनजोत कौर, पंजाब यूथ फोरम के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद जसकीरत सिंह सुल्तानविंड, भाजपा के वरिष्ठ नेता हरजिंदर सिंह ठेकेदार, तेजवीर सिंह राणा रोक, पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी, पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी, पार्षद विकास सोनी, एशिया एंड इंडिया रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन इंडिया के अध्यक्ष जगप्रीत सिंह कैप्टन, हरजिंदर सिंह राजा, समाजसेवी जसप्रीत सिंह, एसीपी क्राइम हरमिंदर सिंह संधू, सरबत दा भला संस्था के चेयरमैन सुखराज सिंह सोहल, भाजपा नेता गुरप्रताप सिंह टिक्का, मिरी पीरी स्पोर्ट्स क्लब के चेयरमैन जर्मनजीत सिंह बाठ, जसमीत सिंह सोढ़ी, प्रकाश सिंह एपी वाले, अरजिंदर सिंह लाडी, कांग्रेस के महासचिव गैरी मलेरकोटला, ईएमसी अस्पताल के एमडी पवन अरोड़ा, एसएचओ बी-डिवीजन बलजिंदर सिंह औलख, गायक दीप बब्बर, लखविंदर सिंह अर्शी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मौजूद नेताओं और समाजसेवियों ने शमशेर सिंह शेरा द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे प्रयासों का समर्थन करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सके।
जगप्रीत सिंह कैप्टन, अध्यक्ष, एशिया एंड इंडिया रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन इंडिया ने शमशेर सिंह शेरा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें फेडरेशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले और सफलता प्राप्त करने वाले लड़के-लड़कियों को विदेशों में खेलने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इच्छुक खिलाड़ी शमशेर सिंह शेरा से संपर्क कर सकते हैं।
प्रतियोगिता में पंजाब के विभिन्न जिलों और देश के अन्य हिस्सों से खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि इसमें दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया, जिसकी सभी ने सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि युवा खिलाड़ी कठिन मेहनत और अपने माता-पिता के सहयोग से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पंजाब और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने सरकारों से मांग की कि खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें।