अमृतसर, 2 जून (के.एल. जीत वालिया) – पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजीव अरोड़ा ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि अमृतसर सहित पूरे पंजाब में खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। जिन फलों, सब्जियों और डेयरी उत्पादों को हम अपने परिवार की सेहत के लिए सबसे सुरक्षित मानते हैं, आज उनकी शुद्धता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि बाजारों में आमों को जल्दी पकाने के लिए रासायनिक पदार्थों का उपयोग, तरबूजों को अधिक लाल और आकर्षक दिखाने के लिए कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल तथा अन्य फलों और सब्जियों में विभिन्न प्रकार के रसायनों की मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यह केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में अमृतसर में किसानों द्वारा शुद्ध दूध को नष्ट करना कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि नकली दूध, घी, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों में हो रही मिलावट के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन था। किसानों ने इस कदम के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। यह एक चेतावनी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
अरोड़ा ने कहा कि रसायनों और मिलावटी खाद्य पदार्थों के लगातार सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। युवाओं में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं, हार्मोन संबंधी असंतुलन और प्रजनन से जुड़ी चुनौतियां आज चिंता का विषय बन चुकी हैं। आईवीएफ (IVF) जैसी तकनीकों पर बढ़ती निर्भरता भी समाज को यह सोचने के लिए मजबूर कर रही है कि हमारे भोजन और जीवनशैली में आखिर क्या बदलाव आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सिविल सर्जन कार्यालय, खाद्य सुरक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इन विभागों को तुरंत विशेष जांच अभियान चलाकर बाजारों में बिक रहे खाद्य पदार्थों की व्यापक जांच करनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट के खिलाफ कानूनों को और अधिक सख्त बनाने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। जो लोग अपने आर्थिक लाभ के लिए लाखों लोगों की सेहत को खतरे में डालते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब कभी शुद्धता, कृषि और पौष्टिक भोजन की पहचान रहा है। आज जरूरत है कि हम सभी मिलकर उस पहचान को बचाने का प्रयास करें। यह केवल वर्तमान समय की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सेहत और भविष्य की लड़ाई है। यदि आज ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कल बहुत देर हो सकती है।