विद्यार्थियों को उत्कृष्टता और नेतृत्व का दिया संदेश
मोहाली, 6 जून (के.एल. जीत वालिया): दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी का दौरा किया और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रबंधन, फैकल्टी सदस्यों तथा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद किया। इस दौरान उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी को तैयार करने में बहु-विषयक शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और जिम्मेदार नेतृत्व की महत्ता पर जोर दिया।
अपने दौरे के दौरान संधू ने कुलपति प्रो. रुद्र प्रताप, प्रो-वाइस चांसलर अरविंद अग्रवाल, डीन रिसर्च प्रो. सुनीता चौहान, फाउंडिंग कम्युनिटी के सदस्य करण गिलहोत्रा और विशाल तुलस्यान सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों से मुलाकात की। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि, शोध पहलों और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के प्रयासों पर चर्चा की गई।
दौरे का प्रमुख आकर्षण प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के YTS+ (यंग टेक्नोलॉजी स्कॉलर्स प्लस) समर प्रोग्राम में भाग ले रहे 380 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित करना रहा। फायरसाइड चैट के दौरान भारतीय विदेश सेवा में अपने तीन दशकों से अधिक के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों, विचारों और अनुभवों से परिचय व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विद्यार्थियों की विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सीखने और आगे बढ़ने का एक अनूठा अवसर बताया।
संधू ने प्लाक्षा यूनिवर्सिटी द्वारा पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं को तोड़ने के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों को बहु-विषयक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान किसी एक विषय की सीमाओं में रहकर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रुचियों के अनुरूप कौशल विकसित करें, अपने आरामदायक दायरे से बाहर निकलें और वास्तविक जीवन के अनुभव प्राप्त करें।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व टीमवर्क, संवेदनशीलता और जवाबदेही से विकसित होता है। उन्होंने युवाओं से भारत का गौरव बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक योगदान देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।