नशा मुक्ति मोर्चा द्वारा अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
नशा एक सामाजिक बुराई है : मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान जन आंदोलन का रूप ले रहा है : दिक्षित धवन
अमृतसर, 6 जून (के.एल. जीत वालिया, फुलजीत वरपाल): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति मोर्चा द्वारा विधानसभा स्तर पर मैक्रो से माइक्रो स्तर तक बैठकों की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान गांवों और वार्डों की डिफेंस कमेटियों के सदस्यों से उनके क्षेत्रों में नशे की वर्तमान स्थिति संबंधी फीडबैक प्राप्त किया गया। साथ ही नशा विरोधी अभियान को और अधिक मजबूत बनाने के लिए साझा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर विधायक जीवन ज्योत कौर ने कहा कि नशों के खिलाफ इस लड़ाई में समाज के प्रत्येक वर्ग को अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि डिफेंस कमेटियां और स्थानीय प्रतिनिधि इस अभियान की रीढ़ हैं, जो जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने और प्रशासन को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अमृतसर के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मान सरकार द्वारा नशा मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और सभी को इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग देना चाहिए।
नशा मुक्ति मोर्चा के माझा ज़ोन प्रभारी दिक्षित धवन ने कहा कि पंजाब सरकार की यह मुहिम केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि जन आंदोलन का रूप धारण कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों के लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से ही नशा-मुक्त पंजाब का सपना साकार किया जा सकता है।
बैठक में आम आदमी पार्टी लीगल विंग माझा ज़ोन के चेयरमैन एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर, ‘आप’ ट्रेड कमीशन अमृतसर पूर्वी के चेयरमैन कपिल चड्ढा, साहिब सिंह, लक्की कपूर, एस.के. क्लेर तथा प्रशासन की ओर से हितेश वीर गुप्ता (नोडल अधिकारी, अमृतसर पूर्वी एवं आरटीओ अमृतसर), रविंदर सिंह (एसीपी पूर्वी) और विभिन्न थानों के एसएचओ उपस्थित थे।
इसके अलावा नशा मुक्ति मोर्चा अमृतसर पूर्वी के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, वार्ड एवं गांवों के कार्यकारी अध्यक्ष तथा कन्वीनर भी बैठक में शामिल हुए। सभी उपस्थित सदस्यों ने पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए सरकार और प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।
वक्ताओं ने कहा कि ‘गांवों/शहरों का हाल मुख्यमंत्री के साथ’ की भावना के अनुरूप लोगों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि नशे की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।