अमृतसर, 17 जून (के.एल. जीत वालिया): पंजाब सरकार के फूड प्रोसेसिंग विभाग द्वारा प्रसिद्ध अमृतसरी कुलचा को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication – GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 19 जून को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
फूड प्रोसेसिंग विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अमृतसरी कुलचा पंजाब की विशिष्ट खाद्य विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी नकल तैयार किए जाने के कारण इसकी मूल पहचान तथा इससे जुड़े कारीगरों और निर्माताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण अमृतसरी कुलचे को जीआई टैग दिलाने की आवश्यकता महसूस की गई है।
जीआई टैग भारत के भौगोलिक संकेतक अधिनियम, 1999 के तहत प्रदान किया जाने वाला एक कानूनी प्रमाणन है, जो किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट गुणों वाले उत्पादों की पहचान और प्रतिष्ठा की रक्षा करता है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST), गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के फूड टेक्नोलॉजी विभाग, जिला प्रशासन अमृतसर तथा फूड प्रोसेसिंग विभाग के प्रतिनिधियों की एक समन्वय समिति गठित की जाएगी।
समिति का मुख्य उद्देश्य अमृतसर के कुलचा निर्माताओं की एक एसोसिएशन का गठन करवाना होगा, ताकि जीआई टैग के लिए आवेदन प्रस्तुत करने हेतु एक सक्षम संस्था तैयार की जा सके।
जिला प्रशासन ने बैठक के आयोजन एवं समन्वय के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
यह बैठक 19 जून को दोपहर 12 बजे डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समिति कक्ष में आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी तथा प्रमुख कुलचा निर्माता भाग लेंगे।
जिला प्रशासन ने अमृतसरी कुलचा बनाने वाले सभी प्रमुख निर्माताओं से अपील की है कि वे इस बैठक में भाग लेकर अमृतसरी कुलचे की असली पहचान को संरक्षित करने और उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के इस महत्वपूर्ण प्रयास में सहयोग करें।